राजस्थान के बाड़मेर में एक पुलिस कांस्टेबल की डेंगू से मौत हो गई. मृतक कांस्टेबल के शव को पूरे राजकीय सम्मान से सैन्य वाहन में उनके पैतृक गांव ले जाने से पहले स्थानीय पुलिस लाइन में शहीद स्मारक पर अंतिम दर्शन के लिए रखवाया गया.
इस दौरान पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों और जवानों ने पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित कर सलामी दी. इसके बाद सैन्य वाहन से जुलूस के जरिए शहीद कांस्टेबल मोहनलाल के शव को उनके पैतृक गांव बालेवा ले जाया जाएगा, जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस दौरान पुलिस बीएसएफ के साथ-साथ जिला प्रशासन के ऑफिशियल भी मौजूद रहेंगे.
निवासी थे. उनका साल 2015 कांस्टेबल बैच में सिलेक्शन हुआ था. 6 साल पहले मोहन की शादी हुई थी. उनके परिवार में पत्नी और 3 साल बेटा है. उन्हें तीन दिन पहले अचानक तेज बुखार के बाद स्थानीय सीएचसी में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ. इसके बादउन्हें बाड़मेर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया.
परिजनों के मुताबिक डेंगू के चलते कांस्टेबल की प्लेट्स गिरने लगी. उनकी हालत इतनी खराब होती गई कि प्लेट्स 50 हजार के करीब पहुंच गई थीं. ऐसे में उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन जोधपुर पहुंचने से पहले ही कांस्टेबल मोहन ने दम तोड़ दिया. मौत की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मोर्चरी के आगे इकट्ठा हो गए. सैन्य सम्मान के साथ जुलूस के तौर पर शव को स्थानीय पुलिस लाइन में अंतिम दर्शन के लिए रखवाया गया. जहां से अंतिम संस्कार के लिए शहीद मोहनलाल के शव को पैतृक गांव बालेवा ले जाया गया जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है।